कर्नाटक: कुमारस्‍वामी की कैबिनेट में वोक्‍कालिंगा का दबदबा, विद्रोह के स्‍वर भी उठे

सरकार बनाने के लिए हुए गठबंधन के 14 दिन बाद जाकर मंत्रीमंडल का शपथग्रहण हुआ. कुमारस्‍वामी के भाई एचडी रमेश के ससुर डीसी थमन्‍ना को भी मंत्री पद मिला. पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया को हराने वाले जीटी देवेगौड़ा को भी कैबिनेट में जगह मिली.



Updated: June 6, 2018, 11:52 PM IST
एचडी कुमारस्‍वामी के नेतृत्‍व वाली कर्नाटक सरकार में बुधवार को 25 मंत्रियों ने शपथ ली. सरकार बनाने के लिए हुए गठबंधन के 14 दिन बाद जाकर मंत्रीमंडल का शपथ ग्रहण हुआ. इससे पहले कांग्रेस और जेडीएस ने जमकर माथापच्‍ची की. हालांकि बावजूद इसके कांग्रेस के कई विधायकों के समर्थकों ने उनके नेता को कैबिनेट में जगह न दिए जाने पर प्रदर्शन किया. अभी भी कैबिनेट की सारी सीटें भरी नहीं हैं. जेडीएस के पास एक और कांग्रेस के पास छह सीटें बची हैं.

कैबिनेट में वोक्‍कालिंगा (गौड़ा) समुदाय का दबदबा है. 25 में से नौ मंत्री वोक्‍कालिंगा है. सीएम कुमारस्‍वामी के 'अंधविश्‍वासी' बड़े भाई एचडी रेवन्‍ना ने सबसे पहले 2.12 बजे शपथ ली. उन्‍हें शपथ के लिए यह समय ही बताया गया था. उन्‍होंने विधान सौधा में वास्तु के हिसाब से अपने लिए तीसरी मंजिल पर कमरा पसंद किया है.

कुमारस्‍वामी के भाई एचडी रमेश के ससुर डीसी थमन्‍ना को भी मंत्री पद मिला. पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया को हराने वाले जीटी देवेगौड़ा को भी कैबिनेट में जगह मिली. वे चामुंडेश्‍वरी से विधायक बने हैं.

कांग्रेस की ओर से तीन वोक्‍कालिंगा मंत्री बने. इनमें सबसे बड़ा नाम डीके शिवकुमार का है जिन्‍हें कांग्रेस का मुख्‍य रणनीतिकार और ट्रबल शूटर माना जाता है. उन्‍हें बड़ा पद मिल सकता है. विपक्षी दल बीजेपी की कई कोशिशों के बावजूद उन्‍होंने कांग्रेस विधायकों को जोड़े रखा.
हैरानी की बात यह रही कि एमबी पाटिल, शमनूर शिवशंकरप्‍पा और ईश्‍वर खानद्रेहवे जैसे बड़े लिंगायत चेहरों को पद नहीं मिला. पाटिल ने ही अल्‍पसंख्‍यक दर्जा दिए जाने का अभियान छेड़ा था जबकि शिवशंकरप्‍पा और खानद्रे खुद को वीरशैव-लिंगायत कहते थे. पाटिल को मंत्री न बनाए जाने से नाराज होकर उनके गृहनगर विजयपुरा में ग्राम पंचायत सदस्‍यों ने अपने पदों से इस्‍तीफे की धमकी दे दी.
क्षेत्र के हिसाब से देखें तो पुराने मैसूर को सबसे ज्‍यादा प्रतिनिधित्‍व मिला जबकि एक दर्जन जिले ऐसे हैं जहां से कोई मंत्री नहीं बना है. शिवमोगा में तो कांग्रेस विधायक बीके संगमेश्‍वर ने तो विद्रोह का इशारा भी कर दिया है. बताया जाता है कि उनसे बीजेपी ने भी समर्थन किया था लेकिन कांग्रेस ने उन्‍हें मंत्री पद का वादा किया था. जेडीएस के भी कई वरिष्‍ठ नेताओं को मौका नहीं मिला.

कैबिनेट में केवल एक महिला मंत्री कांग्रेस से जयमाला हैं. वह फिल्‍मों से राजनीति में आई हैं. वहीं जेडीएस में तो कोई महिला विधायक ही नहीं है. दोनों दलों ने विधायकों से कहा है कि उन्‍हें 90 से ज्‍यादा बोर्ड और कॉर्पोरेशन में संयोजित किया जाएगा. एचडी रेवन्‍ना ने तो पीडब्‍ल्‍यूडी और बिजली जैसे बड़े विभाग मांग लिए हैं. इन दोनों विभागों को बजट में सबसे ज्‍यादा पैसा मिलता है.
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