वर्ल्ड कप में जीता था मैन ऑफ द सीरीज अवॉर्ड, आज गाय-भैंस चराने को मजबूर!

एक ओर जहां टीम इंडिया के खिलाड़ियों पर करोड़ों रु. बरस रहे हैं वहीं दूसरी ओर एक खिलाड़ी दाने-दाने को मोहताज है



Updated: May 31, 2018, 5:09 PM IST
एक ओर जहां टीम इंडिया के खिलाड़ियों पर करोड़ों रु. बरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक क्रिकेट खिलाड़ी ऐसा भी है जिसने वर्ल्ड कप में मैन ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता लेकिन वो दाने-दाने को मोहताज है. हम बात कर रहे हैं भालाजी डामोर की जो 1998 में हुए पहले दृष्टिबाधित वर्ल्ड कप में मैन ऑफ द सीरीज बने थे और भारत ने वर्ल्ड चैंपियन का खिताब भी जीता था मगर आज ये खिलाड़ी गाय-भैंस चराता है.

41 साल के भालाजी डामोर का करियर बेहद ही शानदार रहा है. उन्होंने 125 मैचों में 3125 रन बनाए हैं. इसके अलावा भालाजी डामोर ने 150 विकेट लिए हैं. साल 1998 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले भालाजी डोमोर को पूर्व राष्ट्रपति के आर नारायणन से अवॉर्ड भी मिला. हालांकि भालाजी डोमोर को कोई नौकरी नहीं मिली जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी.

नेशनल एसोसिएशन ब्लाइंड के वाइस प्रेसिडेंट भास्कर मेहता का मानना है कि भारतीय दृष्टिबाधित टीम में भालाजी डोमोर जैसा कोई ऑलराउंडर नहीं आया है. भालाजी डोमोर को सचिन तेंदुलकर कहा जाता था. हालांकि उन्हें उनके टैलेंट का कोई फायदा नहीं मिला. आज ये खिलाड़ी खेती-बाड़ी और गाय-भैंस चराकर अपने परिवार का पेट पाल रहा है. भालाजी डोमोर गुजरात के साबरकांठा में रहते हैं. उनकी पत्नी और एक बच्चा भी है. उनके घर पर बर्तन तक नहीं हैं, साथ ही पूरा परिवार जमीन पर सोता है.
from Latest News क्रिकेट News18 हिंदी
https://ift.tt/2L7NmuK

Post a Comment

0 Comments